“भारतीय उच्चायोग, लीलोंग्वे द्वारा DMI–Baptist University में विश्व हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय भारतीय उच्चायुक्त महामहिम अमराराम गुर्जर ने की। अपने संबोधन में उन्होंने हिंदी को भारत के‘सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी ’ का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, सांस्कृतिक संवाद और वैश्विक सहयोग का सेतु है। उन्होंने हिंदी की वैश्विक यात्रा, उसकी वैदिक संस्कृत एवं प्राकृत परंपरा, तथा संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ती महता एवं उपस्थिति पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के संदेश का भी पठन किया गया, जिसमें हिंदी को वैश्विक संवाद, सांस्कृतिक एकता और भारत की समावेशी पहचान का प्रभावी माध्यम बताया गया।
DMI–Baptist University के माननीय उप कुलपति प्रो. अमलराज एम्ब्रोज ने अपने वक्तव्य में भारत–मलावी के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग, ITEC एवं ICCR’s अफ़्रीका मैत्री छात्रवृत्तियों और शैक्षणिक आदान–प्रदान की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षाविदों तथा मलावी में रह रहे भारतीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी एवं सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि हिंदी भाषा भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर भारत और मलावी के बीच मैत्री, विश्वास और सांस्कृतिक साझेदारी को निरंतर सुदृढ़ कर रही है।”